कैलाश मंदिर कि गुम्फा में छुपा रहस्य। Amazing facts रोचक तथ्य

लेखिका औरवैज्ञानिकों की खोज 

 ८ सितंबर १८७६ का वो दिन जब १२ वैज्ञानिकों का दल कैलाश मंदिर कई नीचे बने गुप्त गुफा मैं प्रवेश करता है। ठीक उसी साल Britain के एक लेखिका ने एक किताब लिखी जिसमे उसने लिखा कैलाश मंदिर के नीचे एक रहस्मय गुफा है और उस गुफा के भीतर ऐसे लोग रहते है जो हम इंसानो से उन्नत है। 

इसी अंत का बता लगाने १२ वैज्ञानिकों का दल उस गुफा मैं प्रवेश करता है। उन्हें बिलकुल भी इस बात का पता नही था की अन्दर उनके साथ क्या होने वाला है। वे कभी वापस आ भी पाएंगे

 या नहीं। गुफा मैं गुसे लगभग ५ मिनट का वक्त हो चुका था। और ये लोग गुफा के करीब २० मीटर अंदर जा चुके थे। तभी उन्हें एक ऐसा नजारा दिखाई देता है जिसे देख वो सभी हैरान रह गए। वो नजारा इतना खतरनाक था की भारत सरकार ने हमेशा के लिए इस गुफा के दरवाजे बंद कर लिए। आपको जानकर हैरानी होगी बादमें उनमें से एक भी वैज्ञानिक जिंदा नहीं रह सका। लेकिन वैज्ञानिक ने जो देखा और जो बताया उसे सुने सारे लोग अचंबित रह गए। 

 

कैलाश मंदिर

 

दोस्तो महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर शहर सेकरीब ३२ किलोमीटर दूर एक अति प्राचीन हजारों साल पुराना मंदिर है। कहा जाता है इस मंदिर को कब और कैसे तयार किया इस बारे मैं कोई भी अंदाजा नहीं है। यह मंदिर इतना रहस्यमय है की इसे दुनिया की सबसे रहस्यमय construction घोषित की जाए तो गलत नही होगा। अब तक इस मंदिर के रहस्यों का पता लगाने केलिए एक नही बल्कि १००० वैज्ञानिक शोध कर चुके है। कुछ वैज्ञानिक मानते है यह मंदिर आजसे उन्नीसो साल पहले ही तयार कर लिए गया था। तो किसी वैज्ञानिकों का मानना ही मंदिर ६००० सलासे भी पुराना है। उसे भी अधिक हैरानी की बात है की इस मंदिर का construction इतना complicated हैं की आज के ज़माने में भी दुनिया के बेहतरीन इंजीनियर भी मंदिर को दोबारा तयार नही कर सकते। इस मंदिर का कंस्ट्रक्शन आज की दुनिया मैं सबासी ऊंची इमारत बुर्ज खलिफा से ज्यादा कॉम्प्लिकेटेड है। इस मंदिर को बनाने मैं एक भी ईट का इस्तमाल नही हुआ। इस मंदिर को बनाने मैं बड़े से बड़े चट्टान का इस्तेमाल हुआ है। 

Kailas mandir
Kailas mandir

इस तस्वीर को ठीक से देखिए आप इसमें आप साफ देख सकते है इसमें एक बड़ी चट्टान है। जिसके बीच कैलाश मंदिर बना है।

 

रेडिएशन एनर्जी?

आपको बता दू की कई वैज्ञानिकों का मानना है की कैलाश मंदिर के भीतर से radioactive किरने निकलती है। इसी कारण उन १२ वैज्ञानिकों का गुफा के अंदरजाते ही इन किरणों के से न पाने से समय के बाद मृत्यु हो गई।

निष्कर्ष : देखिए दोस्तो यह मंदिर एक रहस्यमय मंदिर है इसके बारेमे कोई तर्क और विलाफ हम इस समय नही कर सकते। आपको को कुछ इस मंदिर के बारेमें लगता है कॉमेंट मैं जरूर बताएं।

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