Nikola Tesla की बाते आखिर क्यों आज तक छुपाए रखी है | secrets of Nikola Tesla

विज्ञान और इंसान

 इंसानों के लिए विज्ञान और वैज्ञानिक दोनों भी वरदान के रूप मैं साबित हो रहे है। हालाकि विज्ञान की भी अपनी खामियां होती है। लेकिन कुलमिलाकर देखा जाए तो विज्ञान की असीमित खूबियों के सामने ये खामियां टिक नहीं पति। प्राचीन काल से ही प्रकृति ने इंसानों को विकसित किया है और विकास के ये घटनाक्रम मैं कुदरत ने हमे कुछ स्तर की बुद्धि भी दी है। दोस्तो इसी बुद्धि का इस्तेमाल करके वैज्ञानिकों ने कही तरीके के अविष्कार कर इतिहास रच दिया।

निकोला टेस्ला 

Nikola tesla
Nikola tesla

 आज हम बात करेंगे एक महान वैज्ञानिक के बारे मैं जोअपने अविष्कारों की बजेसे दुनिया मैं क्रांति ले लाए। सर्दी में पैदा हुए सर निकोला टेस्ला वो वैज्ञानिक थे जीन्हे आज लोग एक सनकी वैज्ञानिक के तोर पर जानते है।

निकोला टेस्ला एक ऐसे व्यक्ति थे जिनकी बुद्धि पोटोग्राफिक मानी जाती थी क्योंकि जो भी जिज वो पढ़ते उसे वो वैसे की वैसे याद रख लेते। उनकी इस बुद्धि और रचनात्मक कला को वो अपने मां की देन मानते है। और भी वो ८ भाषाओं का ज्ञान रखते थे। 

उनका जीवन 

 एक दिन टेस्ला अपने लेब में काम कर रहें थे तब उन्होंने अपने receiver में कुछ अस्वीकार सिग्नल देखे उनका अनुमान था ये सिग्नल दूसरे प्लेनेट से आ रहे थे। और उनका किसी और ग्रह से संपर्क जुड़ा था। इसी बात का जिक्र १८९९ मैं रिपोर्टर को लिखे letter मैं भी किया था। १९३४ मैं निकोला टेस्ला ने अपने रिपोर्ट मैं बताया की उन्होंने एक ऐसे हत्यार का अविष्कार किया है जो सारे युद्धों को खत्म कर देगा। जिसे Death Ray कहा गया जिसे बॉर्डर पर लगाया जा सकता है जिसे हमलावर एयरक्राफ्ट और सेना को रोका जा सकता है। टेस्ला ने अपने जिंदगी के दौरान कभी नहीं बताया की ये Super Weapon कैसे काम करता है। टेस्ला ने आजीवन कभी शाधी नही की टेस्ला कहते थे की उनका ब्रह्मचर्य जीवन उनके तकनीकी मामलो में सहायक रहा है। एक बार रिपोर्टर को कहते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने शादी न करके उनका जीवन Science के लिए कुर्बान किया है।

 उन्ही के बजे से वायरलेस कम्युनिकेशन आज Possible हुआ है। १८९६ मैं एक पब्लिक इवेंट मैं उनकी मुलाकात स्वामी विवेकानंद से हुई। स्वामी विवेकानंद ने लिखे एक लेटर मैं उन्होंने बताया की कैसे निकोला टेस्ला की एनर्जी को लेकर सिद्धांत वेदान्तिक Cosmology से मिलती हैं। टेस्ला अपने जीवन के अंतिम सालो मैं शाकाहारी बन चुके थे। आज हम हमारे रोजमर्रा के जिंदगी मैं जो बिजली इस्तेमाल करते है वो टेस्ला की बजेसे ही अविष्कारित है। दुनिया मैं ३०० तरह के अलग अलग अविष्कार टेस्ला के नाम है। अब है बात पर बहस होगी की कितने उनके मन पर दर्ज है।

निष्कर्ष : अचंबित करने वाली बात है की टेस्ला जैसे महान वैज्ञानिक के बारे मैं इतनी जानकारी हमको नहीं है । यहा पर लिखी बात निकोला टेस्ला के बारे मैं बहुत कम से कम जानकारी देती है। उनके बारे मैं ओर जानने के लिए आप इनका इतिहास पूरी तरह पढ़ने का प्रयास करे।

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